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Lecture on “Swachata Abhiyan and Paryavaran” during Swachtta Pakhwada   (16-31 May, 2016)


खरपतवार अनुसंधान निदेशालय जबलपुर में भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार दिनांक 16-31 मई तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई, परिसर एवं कार्यालय की सफाई, सफाई के प्रति आम जनमानस में जागरूकता कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार, निबंध लेखन/वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं सम्मानित व्यक्तियों/पर्यावरण हितैषी बुद्धि जीवियों के व्याख्यान इत्यादी संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उसी तारतम्य में आज स्वच्छता अभियान एवं पर्यावरण सुरक्षा विषय पर खरपतवार निदेशालय में व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें प्रमुख वक्ता एवं मुख्य अतिथि के रूप में श्री प्रह्लाद पटेल जी, सांसद दमोह (म.प्र.) एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री उपस्थित रहे।

प्रारम्भ में निदेशालय के निदेशक डॉ. अजीत राम शर्मा द्वारा मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुये बताया गया कि यह निदेशालय विगत डेढ़ वर्षों से प्रत्येक सप्ताह के एक दिन दो घण्टे का समय इस सफाई कार्यक्रम के लिये अपने समस्त स्टॉफ के साथ देता है जिसके अंतर्गत ना केवल परिषर के अंदर बल्कि आस-पास के रिहाइसी कॉलोनी में साफ-सफाई की जाती है और लोगों में सफाई के प्रति जागरूकता लाने हेतु सतत् प्रयास किये जा रहे हैं। डॉ. शर्मा ने बताया कि निदेशालय परिषर में विगत 4 वर्षों से पूर्व फसल के अवशेषों एवं खरपतवारों को सुखाकर अथवा जलाकर नष्ट नही किया जाता बल्कि उनका प्रयोग या तो मिट्टी में मिलाने हेतु करते हैं अथवा कम्पोस्ट बनाने में करते हैं जिससे मृदा की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होती है।

मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता के रूप में पधारे श्री प्रह्लाद पटेल जी, माननीय सांसद द्वारा, इस अवसर पर अपने उद्बोधन में निदेशालय द्वारा किये जा रहे प्रयासों एवं कार्यों की प्रगति की प्रशंसा करते हुये स्वच्छता के प्रति सभी के सहयोग की अपील की गई, ताकि हमारा वातावरण, मिट्टी, जल एवं वायू प्रदूषित होने से बचे। फलस्वरूप आम जनमानस का स्वास्थ्य उत्तम हो सके और हम एक बेहतर राष्ट्र एवं भविष्य का निर्माण कर सकें और इसके लिये हर स्तर पर सभी वर्ग के लोगों के सहयोग से ही यह संभव है, क्यांकि सिर्फ सरकार के भरोसे यह नही किया जा सकता। उन्होंने इस अवसर पर तालाबों से जलकुंभी नियंत्रण अथवा नदियों में फैल रही चोई की समस्या पर भी चर्चा की और उसके नियंत्रण हेतु विशेषज्ञों से तकनीकी सहयोग एवं उसके सरल शब्दों में व्यापक प्रचार-प्रसार की अपील की। इस कार्यक्रम में निदेशालय के समस्त वैज्ञानिक अधिकारी, कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा आस-पास के काफी कृषकों ने भी इसमें भाग लिया। इस अवसर पर निबंध प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री बसंत मिश्रा एवं आभार प्रदर्शन प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पी.के. सिंह द्वारा किया गया।